बालो नंदजी को लाल म्हारो (तर्ज: अम्बे तू है जगदम्बे काली)


तर्ज: अम्बे तू है जगदम्बे काली


बालो नंदजी को लाल म्हारो
मदनगोपालो प्यारो
तू ही म्हारे मनड़ा न, भायग्यो
ओ कृष्णा, तू ही तू जीवन में अब छायग्यो
बालो नंदजी को...

माथे पर थारे मुकुट बिराजै, कानों में सोवे बाला
ओ कृष्णा कानों में सोवे बाला
कोई कहे तू देवकी सुत है, कोई यशोदा लाला
तू तो बंशी बजाने वाला, नटखट नंदजी का लाला
मन तेरी शरण में आयग्यो
ओ कृष्णा तू ही तू...

कुरुक्षेत्र में अर्जुन को तूने, ज्ञान दिया है भारी
ओ कृष्णा ज्ञान दिया है भारी
द्रुपद सुता ने तुझे पुकारा, आन बढ़ाई साड़ी
तू ही दुखियों का है आधारा, भक्तों ने तुझे पुकारा
पल भर भी देर करी ना, आयग्यो
ओ कृष्णा तू ही तू...

हर पल तूने रूप बदल कर, भक्तों के कारज सारे
ओ कृष्णा भक्तों के कारज सारे
'शोभा' तुम्हारे चरणों में है, तेरा नाम पुकारे
तू ही भक्तों को तारने वाला, भक्तों से हारने वाला
भगताँ की विपदा, भगायद्यो
ओ कृष्णा तू ही तू...

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