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बैठ्यो बण-ठण कर के नंदजी को लाल (तर्ज: आजा आजा ओ दयालु हनुमान)


तर्ज: आजा आजा ओ दयालु हनुमान


बैठ्यो बण-ठण कर के नंदजी को लाल
सूरत म्हाने लागे रे प्यारी
बैठ्यो बण-ठण...

कस्तूरी तिलक शीश पर सोहे
मुकुट में मोर पंख है
घुंघराले बालों में मोती
मणियों की माला कंठ है
थारे कजरा सोहे नैना विशाल
सूरत म्हाने लागे...

कड़ल्या है हाथां म थारे
चन्दन सुभग शरीरा
बंशी तेरे होठों सजती
बजे यमुना के तीरा
सुण कर राधा दौड़े
दौड़े गोपी ग्वाल
सूरत म्हाने लागे...

काली कमरिया वालो तू है
कालो ही थारो रंग है
चाँद सो मुखड़ो प्यारो लाग
टेढ़ो-मेढ़ो ढंग है
तू तो सीधो हो ज्या
बण भगतां की ढाल
सूरत म्हाने लागे...

ओढ़ दुपट्टो जरी को बैठ्यो
पीताम्बर चमकीलो
खाटू म बण्यो श्याम धणी रे
घोड़ो थारो लीलो
'शोभा' आई थारे द्वारे चाल
सूरत म्हाने लागे...

बड़ो ही नटखट बड़ो हठीलो (तर्ज: सबसे निराली महिमा है भारी)

तर्ज: सबसे निराली महिमा है भारी

बड़ो ही नटखट बड़ो हठीलो
है ओ म्हारो कान्हजी
जय बोलो यशोदा के लाल की
जय बोलो यशोदा के लाल की
बड़ो ही नटखट...

माँ यशोदा न खूब सतायो, कान्हजी प्यारा कान्हजी
चोर-चोर कर माखन खायो, कान्हजी प्यारा कान्हजी
कंकरिया मार कर मटकी फोड़ी, नंद बाबा को लाल जी
जय बोलो यशोदा...

ग्वालों की टोली खेलने को आई, कान्हजी प्यारा कान्हजी
संग में थे मोहन यदुराई, कान्हजी प्यारा कान्हजी
खेलत गेंद यमुना म गिरायी, कान्हजी प्यारा कान्हजी
कूद पड़े यमुना में कन्हाई, नाथ दियो कालो नाग जी
जय बोलो यशोदा...

शोभा थारो भजन बणायो, कान्हजी प्यारा कान्हजी
भजन बणायो प्रेम से गायो, कान्हजी प्यारा कान्हजी
भक्तों का बेड़ा पार करो जो, प्रेम से लगावे थाँरो ध्यान जी
जय बोलो यशोदा...

बाँसुरी की तान प्यारी (तर्ज: बन में देख्या दोय बनवासी)

तर्ज: बन में देख्या दोय बनवासी

बाँसुरी की तान प्यारी लागे रे कन्हाई
बंसी छाई रे छाई तीनूँ लोकाँ म छाई
बाँसुरी की तान...

बंसी की तान माता यशोदा न भाई
छोड़्या दही का बिलौना, दौड़ी-दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...

बंसी की तान राधा राणी न भाई
छोड़्या सोलह श्रृंगार, दौड़ी-दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...

बंसी की तान गोपियन मन भाई
छोड़्या टाबराँ न घर म, दौड़ी-दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...

बंसी की तान ग्वालों के मन भाई
चरती गायाँ न छोड़, टोली दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...

बाँसुरी की तान भगताँ र मन भाई
बिलख शोभा थारे चरणाँरी भगति रताँई
बाँसुरी की तान...

बाँके बिहारी की हमको (तर्ज: दिल का खिलौना हाय टूट गया)


तर्ज: दिल का खिलौना हाय टूट गया


बाँके बिहारी की हमको लगन लगे
ऐसी दया करो भक्ति जगे
बाँके बिहारी की...

तेरे चरण प्रभु सुख आधारा
झूठी ये दुनिया, सुख है असारा
हर पल हारे हैं, हम बेचारे हैं
हमने लिया है तेरे चरण का सहारा
तेरे संबल से हमको डर ना लगे
ऐसी दया करो...

हर पल पुकारें तुझको, दौड़े चले आओ
आ के कन्हैया हमको, गले से लगाओ
जीवन मझधार है, अश्रुओं के हार है
हमने लिया है तेरे चरण का सहारा
तू जो मिले तो सोये भाग जगे
ऐसी दया करो...

और ना सताओ, दूर मत जाओ
तुझ बिन अधूरे हमें, भूल मत जाओ
'शोभा' है शरण तिहारी
हर पल हम तुझ पर वारी
हमने लिया है तेरे चरण का सहारा
तेरे चरणों में हमरी प्रीत जगे
ऐसी दया करो...

बालो नंदजी को लाल म्हारो (तर्ज: अम्बे तू है जगदम्बे काली)


तर्ज: अम्बे तू है जगदम्बे काली


बालो नंदजी को लाल म्हारो
मदनगोपालो प्यारो
तू ही म्हारे मनड़ा न, भायग्यो
ओ कृष्णा, तू ही तू जीवन में अब छायग्यो
बालो नंदजी को...

माथे पर थारे मुकुट बिराजै, कानों में सोवे बाला
ओ कृष्णा कानों में सोवे बाला
कोई कहे तू देवकी सुत है, कोई यशोदा लाला
तू तो बंशी बजाने वाला, नटखट नंदजी का लाला
मन तेरी शरण में आयग्यो
ओ कृष्णा तू ही तू...

कुरुक्षेत्र में अर्जुन को तूने, ज्ञान दिया है भारी
ओ कृष्णा ज्ञान दिया है भारी
द्रुपद सुता ने तुझे पुकारा, आन बढ़ाई साड़ी
तू ही दुखियों का है आधारा, भक्तों ने तुझे पुकारा
पल भर भी देर करी ना, आयग्यो
ओ कृष्णा तू ही तू...

हर पल तूने रूप बदल कर, भक्तों के कारज सारे
ओ कृष्णा भक्तों के कारज सारे
'शोभा' तुम्हारे चरणों में है, तेरा नाम पुकारे
तू ही भक्तों को तारने वाला, भक्तों से हारने वाला
भगताँ की विपदा, भगायद्यो
ओ कृष्णा तू ही तू...