तर्ज: बजरंग बली मेरी नाव चली
लेवे खूब बलैय्या यशोदा मैय्या
म्हारे लाल के नजर नहीं लागे
यो धेनु चरैय्या, जिसके दाऊ भईया
उठ रोज सवेरे माखन मांगे
मैं तो नित उठ माखन खाऊँगो
बिन माखन धेनु न चराऊँगो
मैं तो दूध-दही नहीं खाऊँगो
म्हाने मीठो घणो माखन लागे
लालो जिद करे माखन खावे है
और धेनु चराने जावे है
संग ग्वाल-बाल भी धावे है
कान्हो सगळा न ही प्यारो लागे
जद अधरा स्यूँ मुरली लागे है
और मीठी तान म बाजे है
सब मगन होय कर नाचे है
कान्हो भी नाच रह्यो सागे
प्रभु पैर धरे जिस धरणी है
वो स्वर्गलोक की अवनि है
प्रभु बिन मन मरुधर धरणी है
'शोभा' भक्ति के फूल सदा मांगे