तर्ज: बन में देख्या दोय बनवासी
बाँसुरी की तान प्यारी लागे रे कन्हाई
बंसी छाई रे छाई तीनूँ लोकाँ म छाई
बाँसुरी की तान...
बंसी की तान माता यशोदा न भाई
छोड़्या दही का बिलौना, दौड़ी-दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...
बंसी की तान राधा राणी न भाई
छोड़्या सोलह श्रृंगार, दौड़ी-दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...
बंसी की तान गोपियन मन भाई
छोड़्या टाबराँ न घर म, दौड़ी-दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...
बंसी की तान ग्वालों के मन भाई
चरती गायाँ न छोड़, टोली दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...
बाँसुरी की तान भगताँ र मन भाई
बिलख शोभा थारे चरणाँरी भगति रताँई
बाँसुरी की तान...
बाँसुरी की तान प्यारी लागे रे कन्हाई
बंसी छाई रे छाई तीनूँ लोकाँ म छाई
बाँसुरी की तान...
बंसी की तान माता यशोदा न भाई
छोड़्या दही का बिलौना, दौड़ी-दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...
बंसी की तान राधा राणी न भाई
छोड़्या सोलह श्रृंगार, दौड़ी-दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...
बंसी की तान गोपियन मन भाई
छोड़्या टाबराँ न घर म, दौड़ी-दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...
बंसी की तान ग्वालों के मन भाई
चरती गायाँ न छोड़, टोली दौड़ी चली आई
बाँसुरी की तान...
बाँसुरी की तान भगताँ र मन भाई
बिलख शोभा थारे चरणाँरी भगति रताँई
बाँसुरी की तान...
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