जीवन दो दिन की ज़िन्दगानी (तर्ज: राजा जानी)

तर्ज: राजा जानी

जीवन दो दिन की ज़िन्दगानी
कृष्ण कहो रे प्राणी
प्रभु के नाम को रट ले रे
बंदा नाव बड़ी है पुरानी
जीवन दो दिन...

तेरा मन माया में भरमाया
तुमने समझा है जिसको साया
मरघट तक वो साथ निभाये
दुश्मन हो या जानी
जीवन दो दिन...

झूठी दुनिया ये बंधन सारा
एक नाम प्रभु का प्यारा
रोम-रोम में नाम रमा ले
यही हो मुख में बानी
जीवन दो दिन...

कोई कैसे भी इसके भावे
निश्चय उसके ये कष्ट मिटावे
जो कोई ध्यावे गले लगावे
कोई न नीचा प्राणी
जीवन दो दिन...

जिसके खेवटिया हैं कन्हैया
निश्चित पार हुई वो नैया
'शोभा' के केवट बन जाओ
जीवन गहरा पानी
जीवन दो दिन...

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