श्री पवन पुत्र हनुमान (तर्ज: छोड़ गये बालम)


तर्ज: छोड़ गये बालम


श्री पवन पुत्र हनुमान
दीवाने राम के हो गये
वे तो अतुलित बल के धाम
दीवाने राम के हो गये

राम नाम में मस्त हुए हैं
ये अंजनी के लाला
राम प्रेम को पाने खातिर
तन को भी रंग डाला
देखो छम-छम नाचे हनुमान
दीवाने राम के हो गये

पहने हनुमत लाल लंगोटा
राम नाम मुख गाये
हाथों से करताल बजाए
आँखों से अश्रु आए
सुध भूल गये हनुमान
दीवाने राम के हो गये

भक्त बुलाते दौड़े आते
बिगड़े बनाते काम
राम काज हित धरा शरीरा
बन गये भक्त महान
ऐसे भक्तों के आगे
प्रभु राम भी दीवाने हो गये

जिसे राम की भक्ति पानी
तन-मन से तुझे माने
'शोभा' आई शरण तिहारी
कृपा राम की पाने
झोली भर दो मेरी बलवान
हम तेरे दीवाने हो गये

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