तर्ज: पानी रे पानी तेरा रंग
प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
जिसके भी संग गाओ लगे वैसा
हरे-हरे रामा, हरे-हरे कृष्णा
इंजन की सीटी के संग में
छुक-छुक गाड़ी ये बोले
हरे राम हरे कृष्ण की धुन से
मन में मिश्री घोले
इस धुन में सब गम घुल जाएँ
पाओगे चारों धाम
प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
बीच मझधार कोई नाव जैसा
सागर तट पर सागर लहरें
लहर-लहर लहराये
हरे राम हरे कृष्ण की धुन पर
मनड़ा नाचे गाये
राम-कृष्ण की धुनी रमा लो
छोड़ दो थोड़ा काम
प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
राम हुए पार कोई केवट जैसा
झरनों से झर-झर बहता पानी
नदियों में कल-कल गाये
हरे राम हरे कृष्ण की धुन पर
मनड़ा भी मुस्काये
इस धुन पर सब चलो रे प्राणी
रुकना न तेरा काम
प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
द्रुपद सुता के कोई चीर जैसा
कुसुम कलि पर भँवरे की गुन-गुन
मीठे सुर रस घोले
हरे राम हरे कृष्ण की धुन पर
मन गावे और बोले
राम-कृष्ण की धुन बिन 'शोभा'
जीवन है विराम
प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
जीवन के संग कोई श्वाँस जैसा
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