सीया राम है मुक्ति धारा (तर्ज: मेरी छतरी के नीचे आजा)


तर्ज: मेरी छतरी के नीचे आजा


सीया राम है मुक्ति धारा
बजरंगी नाम सहारा है
तू मोटे घोटे वाला
तेरा नाम बड़ा ही प्यारा है

मुख राम-सीया राम-सीया करते हो
निसदिन प्रभु ध्यान को धरते हो
तुम राम-सीया के प्यारे हो
इस जग के तुम उजियारे हो
जब भीड़ पड़ी भक्तों में
मुख तेरा ही नाम उचारा है

सब कहे तू सालासर में है
हम कहें तू सब के मन में है
जो सच्चे मन से ध्याता है
वो तुझ को वहीं पर पाता है
मेरा मन सालासर धामा
इस मन ने तुझे पुकारा है

जीवन की नैया अटके है
नैनों से अश्रु टपके है
जब दुष्टों को संहारा था
पर्वत सम रूप जो धारा था
अब मेरी बारी आई
तू क्यूँ करे सोच-विचारा है

सच्चों का साथ निभाते हो
बिगड़ी भी तुम ही बनाते हो
अब देर न कर अंजनी लाला
तेरी शक्ति को याद करो बाला
'शोभा' शरण तिहारी आयी
जग से ये जीवन हारा है

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