तर्ज: खम्मा खम्मा ओ धणिया रूणीचेरा रामदेव
अम्बा मैया म्हे थारे चरणाँ म आया
लाल चुनड़िया म्हे तो संग ल्याया
चूनड़ी ओढ़ास्याँ माँ न, चूड़लो पिरास्याँ
फुलड़ा री माला माँ क, टीको भी लगास्याँ
मैया क चरणा म बलिहारी जावाँ
माथे ऊपर बिंदिया माँ क हीरा की लगास्याँ
नथली म मोती लटके, कुण्डल पिरास्याँ
आँख्याँ म घालस्याँ काजलियो ल्याया
कर सोलह श्रृंगार माँ न, पायलड़ी पिरावाँ
छम छमा छम नाचाँ म्हे तो, माँ न भी नचावाँ
निजर उताराँ, लूण राई ल्याया
आदी भवानी शेरावाली, दुष्टों का संहार करे
शोभा सगळा शरण तिहारी, भक्तों का उद्धार करे
अंतर मनड़ा म थारी ज्योत जलावाँ
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