राम राम रटे राम (तर्ज: नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा)


तर्ज: नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा


राम राम रटे राम
राम रटे हनुमंता
राम राम रटे राम...

राम नाम का ओढ़ दुशाला
खो गए अंजनी नंदा
राम रटे हनुमंता
राम नाम की गूँज लगाकर
पहुँच गए गढ़ लंका
राम रटे हनुमंता
राम राम रटे राम...

भक्त विभीषण के घर आये
देख चौक-बीच बृंदा
राम रटे हनुमंता
मात सीया के पास हैं आये
सीया के मन हुई शंका
राम रटे हनुमंता
राम राम रटे राम...

अतुलित रूप सीया ने देखा
गयी मन की सब शंका
राम रटे हनुमंता
रावण के दरबार है ठाड़े
हो कर बहुत निशंका
राम रटे हनुमंता
राम राम रटे राम...

आग लगाई कपि के पूँछा
तो जला दई गढ़ लंका
राम रटे हनुमंता
लंका जारी प्रभु पहिं आये
बजा के युद्ध का डंका
राम रटे हनुमंता
राम राम रटे राम...

प्रभु चरणों में लोट गए हैं
चरण धोए अश्रु गंगा
राम रटे हनुमंता
सारी करणी, हनुमत बरणी
प्रभु ने लगा लिया अंगा
राम रटे हनुमंता
राम राम रटे राम...

रावण मारे, दुष्ट संहारे
पल-पल कपि प्रभु संगा
राम रटे हनुमंता
रोम रोम में राम समाये
तुम हो वीर रण बंका
राम रटे हनुमंता
राम राम रटे राम...

'शोभा' ने चरणों का ध्यान लगाया
काटो यम का फंदा
राम रटे हनुमंता
राम राम रटे राम...

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