तर्ज: हरो नी बिघन सब दूर
आओ नी यशोदा के लाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी गिरधर गोपाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...
दुःखों के बादल हैं छाये, चहुँ दिशा घनघोर घटाएँ
हम हैं राही, भटकी राहें, तुझ बिन कोई न राह दिखाये
मंज़िल बन मदनगोपाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...
तुमने कितने ही भक्त बचाये, किस-किस की हम गाथा गायें
तू जो प्रभु अब देर लगाए, धीरज हमसे छूटा जाए
आश मत तोड़ना गोपाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...
जल्दी खोलो हे प्रभु द्वारा, दुनिया छोड़ी आप सहारा
जग है समंदर, तेज़ हैं धारा, आ जाओ बन जाओ पतवारा
'शोभा' की करो नी संभाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...
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