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अयोध्या नगरी खुशियाँ छाई (तर्ज: धन्य है प्रभुवर भाग्य हमारे)


तर्ज: धन्य है प्रभुवर भाग्य हमारे


अयोध्या नगरी खुशियाँ छाई
राम हैं आज पधारे
कानों में जैसे मिश्री सी घुल गई
बज रहे ढोल नगाड़े
धन्य हैं भाग्य हमारे
प्रभु हम शरणम्-३
प्रभु वन्दनम्-३

नौमी तिथि मधुमास पुनीत
अभिजीत मुहूर्त में आये
श्याम सलोना देख प्रभु को
मैया मन को लुभाए
शंख-चक्र-गदा, पद्म धारकर
ब्रह्म स्वरूप दिखाए
मैया की विनती सुनकर हरि
बाल रूप धारा रे
मैया ले पुचकारे
धन्य है प्रभुवर भाग्य हमारे...

सखियाँ सब मिल मंगल गाएँ
नगरी अयोध्या सजायी
यूथ-यूथ मिल चली भामिनी
दशरथ द्वारे आई
सब मिल निरखें चारों ललन को
खूब नजर उतराई
प्रभु का चाँद सा मुखड़ा निरखे
धन्य हैं नयन हमारे
सुख मिल गए हैं सारे
धन्य है प्रभुवर भाग्य हमारे...

मंत्रोच्चारण-वेद-ध्वनि-स्वर
कर रहे ब्राह्मण आकर
मास दिवस कर दिवस भया है
रथ रुक गया दिवाकर
लोग उड़ाएँ कस्तूरी केशर
झूम रहे हैं गा कर
'शोभा' के भाव शब्द नहीं पूरे
कैसे हों पूरे सारे
भक्ति मिले जो तेरे द्वारे
धन्य है प्रभुवर भाग्य हमारे...

अम्बा मैया म्हे थारे (तर्ज: खम्मा खम्मा ओ धणिया)


तर्ज: खम्मा खम्मा ओ धणिया रूणीचेरा रामदेव


अम्बा मैया म्हे थारे चरणाँ म आया
लाल चुनड़िया म्हे तो संग ल्याया

चूनड़ी ओढ़ास्याँ माँ न, चूड़लो पिरास्याँ
फुलड़ा री माला माँ क, टीको भी लगास्याँ
मैया क चरणा म बलिहारी जावाँ

माथे ऊपर बिंदिया माँ क हीरा की लगास्याँ
नथली म मोती लटके, कुण्डल पिरास्याँ
आँख्याँ म घालस्याँ काजलियो ल्याया

कर सोलह श्रृंगार माँ न, पायलड़ी पिरावाँ
छम छमा छम नाचाँ म्हे तो, माँ न भी नचावाँ
निजर उताराँ, लूण राई ल्याया

आदी भवानी शेरावाली, दुष्टों का संहार करे
शोभा सगळा शरण तिहारी, भक्तों का उद्धार करे
अंतर मनड़ा म थारी ज्योत जलावाँ

बाजे-बाजे रे ढोलक देखो (तर्ज: आजा आजा रे दयालु हनुमान)

तर्ज: आजा आजा रे दयालु हनुमान

बाजे बाजे रे ढोलक देखो
आज बाजे रे यशोदा अंगना
नाचै नाचै ब्रजवासी देखो
आज नाचै बाबा तेरे अंगना
बाजे बाजे रे...

ऐसो लाल जायो यशोदा, श्याम रंग लागे प्यारो
निरख-निरख ब्रजवासी बोले, लाल अनोखो थारो
हम नाचै नन्दबाबा तेरे द्वार, घुँघरू के बांध बंधन्हा
बाजे बाजे रे...

दौड़-दौड़ गोपी सब आई, होकर के तैयार
गावे बधाई मिसरी सुर में, कर रही मंगलाचार
छनके सात सुर, पायल संग आज, सुर बाजे गोपी कंगना
बाजे बाजे रे...

नंद-भवन लागे अति नीको, दीप-रंग-संग आज
नाच-नाच रंग बिखरयो-ऐसो, जैसे इन्द्रधनुष नभ-ताज
शोभा भक्ति रंग, मांगे देवो आज, भावे कोई दूजा रंग ना
बाजे बाजे रे...

अरज कराँ थाँ स्यूँ बनवारी (तर्ज: घर आया मेरा परदेसी)

तर्ज: घर आया मेरा परदेसी

अरज कराँ थाँ स्यूँ बनवारी
जल्दी टेर सुणो म्हारी
अरज कराँ...

दुखों का लग रह्या डेरा है
तेरे बिना न कोई मेरा है
चाहिए थारी दया भारी
जल्दी टेर...

जीवन दुःख का मेला है
तम चहुँ ओर में फैला है
थारी किरण चाह्वाँ दातारी
जल्दी टेर...

मैंने तो तुम्हें ही पुकारा है
तूने ही दुखियों को उबारा है
बाट उडीकुँ मैं थारी
जल्दी टेर...

रात दिवस शोभा ध्यान धरे
थारी भक्ति को गुणगान करे
पल-पल जाऊँ मैं बलिहारी
जल्दी टेर...

आओ गजानंद महाराज (तर्ज: बालम छोटो सो)

तर्ज: बालम छोटो सो

आओ गजानंद महाराज कारज सारो जी

तीन लोक में सब से ऊँचे
थे हो देवों का सरताज
कारज...

माता थारी पार्वती, कोई पिता है भोलेनाथ
कारज...

गौरी के द्वारे बिराजो, थे हो मुषे पर असवार
कारज...

थारे चरणों का ध्यान धरें, हमें दे दो थोड़ा ज्ञान
कारज...

सूंड सुंडाला दूंद दुदाला, थारी छटा है अपरम्पार
कारज...

आरती उताराँ भोग लगावाँ, कोई लाडूड़ा भर थाल
कारज...

गजानंद न ध्याले, सब कुछ पा ले, थारा बिगड़्या बण सी काज
कारज...

शोभा थारो भजन सुणायो, कोई सारो सगळा काज
कारज...

आओ नी यशोदा के लाल (तर्ज: हरो नी बिघन सब दूर)


तर्ज: हरो नी बिघन सब दूर


आओ नी यशोदा के लाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी गिरधर गोपाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...

दुःखों के बादल हैं छाये, चहुँ दिशा घनघोर घटाएँ
हम हैं राही, भटकी राहें, तुझ बिन कोई न राह दिखाये
मंज़िल बन मदनगोपाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...

तुमने कितने ही भक्त बचाये, किस-किस की हम गाथा गायें
तू जो प्रभु अब देर लगाए, धीरज हमसे छूटा जाए
आश मत तोड़ना गोपाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...

जल्दी खोलो हे प्रभु द्वारा, दुनिया छोड़ी आप सहारा
जग है समंदर, तेज़ हैं धारा, आ जाओ बन जाओ पतवारा
'शोभा' की करो नी संभाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...