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बाजे-बाजे रे ढोलक देखो (तर्ज: आजा आजा रे दयालु हनुमान)

तर्ज: आजा आजा रे दयालु हनुमान

बाजे बाजे रे ढोलक देखो
आज बाजे रे यशोदा अंगना
नाचै नाचै ब्रजवासी देखो
आज नाचै बाबा तेरे अंगना
बाजे बाजे रे...

ऐसो लाल जायो यशोदा, श्याम रंग लागे प्यारो
निरख-निरख ब्रजवासी बोले, लाल अनोखो थारो
हम नाचै नन्दबाबा तेरे द्वार, घुँघरू के बांध बंधन्हा
बाजे बाजे रे...

दौड़-दौड़ गोपी सब आई, होकर के तैयार
गावे बधाई मिसरी सुर में, कर रही मंगलाचार
छनके सात सुर, पायल संग आज, सुर बाजे गोपी कंगना
बाजे बाजे रे...

नंद-भवन लागे अति नीको, दीप-रंग-संग आज
नाच-नाच रंग बिखरयो-ऐसो, जैसे इन्द्रधनुष नभ-ताज
शोभा भक्ति रंग, मांगे देवो आज, भावे कोई दूजा रंग ना
बाजे बाजे रे...

आओ गजानंद महाराज (तर्ज: बालम छोटो सो)

तर्ज: बालम छोटो सो

आओ गजानंद महाराज कारज सारो जी

तीन लोक में सब से ऊँचे
थे हो देवों का सरताज
कारज...

माता थारी पार्वती, कोई पिता है भोलेनाथ
कारज...

गौरी के द्वारे बिराजो, थे हो मुषे पर असवार
कारज...

थारे चरणों का ध्यान धरें, हमें दे दो थोड़ा ज्ञान
कारज...

सूंड सुंडाला दूंद दुदाला, थारी छटा है अपरम्पार
कारज...

आरती उताराँ भोग लगावाँ, कोई लाडूड़ा भर थाल
कारज...

गजानंद न ध्याले, सब कुछ पा ले, थारा बिगड़्या बण सी काज
कारज...

शोभा थारो भजन सुणायो, कोई सारो सगळा काज
कारज...

आओ नी यशोदा के लाल (तर्ज: हरो नी बिघन सब दूर)


तर्ज: हरो नी बिघन सब दूर


आओ नी यशोदा के लाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी गिरधर गोपाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...

दुःखों के बादल हैं छाये, चहुँ दिशा घनघोर घटाएँ
हम हैं राही, भटकी राहें, तुझ बिन कोई न राह दिखाये
मंज़िल बन मदनगोपाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...

तुमने कितने ही भक्त बचाये, किस-किस की हम गाथा गायें
तू जो प्रभु अब देर लगाए, धीरज हमसे छूटा जाए
आश मत तोड़ना गोपाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...

जल्दी खोलो हे प्रभु द्वारा, दुनिया छोड़ी आप सहारा
जग है समंदर, तेज़ हैं धारा, आ जाओ बन जाओ पतवारा
'शोभा' की करो नी संभाल, ओ नंदजी के प्यारा
आओ नी यशोदा के लाल...