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प्रभु मेरे हम बन जाएँ तेरे (तर्ज: ओ फिरकीवाली)


तर्ज: ओ फिरकीवाली


प्रभु मेरे हम बन जाएँ तेरे
तू हमको संभाल रे
तेरी दया बिना जीवन है भार रे

कोई तुझको सगुण बतावे
कोई बतावे तुम निर्गुण हो
मैं तो कहूँ प्रभु भक्ति में तुम हो
पाए जिसमें ये गुण हो
तुम हो सगुण, तुम ही हो निर्गुण
तुम भक्ति के वश में
विदुराणी के घर प्रभु आए
तो छिलके खिलाए
और केले हैं बेकार रे

राजा जनक की भक्ति देखो
संतों की संगति भायी है
देह का भान तनिक नहीं
सीता 'वैदेही' कहलाई है
ऐसी भक्ति हमें भी दे दो
दीनन के हितकारी
हम अज्ञानी हैं मूरख प्राणी
तेरी भक्ति ही आधार रे

तुम तो हो प्रभु दया की सरिता
हम प्यासे बंजारे हैं
भक्ति बिना ये मन है प्यासा
आये तेरे द्वारे हैं
खाली झोली लेकर आई
'शोभा' तेरे द्वारे
पूरण कर दो, इस झोली को भर दो
तुम बन जाओ दातार रे

प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा (तर्ज: पानी रे पानी तेरा रंग)


तर्ज: पानी रे पानी तेरा रंग


प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
जिसके भी संग गाओ लगे वैसा
हरे-हरे रामा, हरे-हरे कृष्णा

इंजन की सीटी के संग में
छुक-छुक गाड़ी ये बोले
हरे राम हरे कृष्ण की धुन से
मन में मिश्री घोले
इस धुन में सब गम घुल जाएँ
पाओगे चारों धाम
प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
बीच मझधार कोई नाव जैसा

सागर तट पर सागर लहरें
लहर-लहर लहराये
हरे राम हरे कृष्ण की धुन पर
मनड़ा नाचे गाये
राम-कृष्ण की धुनी रमा लो
छोड़ दो थोड़ा काम
प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
राम हुए पार कोई केवट जैसा

झरनों से झर-झर बहता पानी
नदियों में कल-कल गाये
हरे राम हरे कृष्ण की धुन पर
मनड़ा भी मुस्काये
इस धुन पर सब चलो रे प्राणी
रुकना न तेरा काम
प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
द्रुपद सुता के कोई चीर जैसा

कुसुम कलि पर भँवरे की गुन-गुन
मीठे सुर रस घोले
हरे राम हरे कृष्ण की धुन पर
मन गावे और बोले
राम-कृष्ण की धुन बिन 'शोभा'
जीवन है विराम
प्रभु तेरा नाम हमें लगे कैसा
जीवन के संग कोई श्वाँस जैसा