तर्ज: खम्मा खम्मा हो धणिया रूणीचेरा रामदेवटेर सुनो म्हारी नंदजी के लाला
तार-तार मनड़ो म्हारो दुःख भारा
म्हारी नंदजी के लाला...
जीवन है काँटों की सैय्या
तू फूलों का हार है
जीवन है ये नाग सरिसा
तू अमृत की धार है
जीवन पर बरसो बन कर अमृत धारा
म्हारी नंदजी के लाला...
ना चंदन, ना चावल चीनी
ना पूजा, ना बाती
आँखों में आँसू की धारा
तेरी याद सताती
तेरी दया से रुके अश्रु धारा
म्हारी नंदजी के लाला...
पल-पल तिल-तिल जलता जीवन
ढलती जाए शाम है
'शोभा' गावे रोम-रोम से
सुन्दर प्यारो श्याम है
प्यासे हैं बन जाओ जल-धारा
म्हारी नंदजी के लाला...
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