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अम्बा मैया म्हे थारे (तर्ज: खम्मा खम्मा ओ धणिया)


तर्ज: खम्मा खम्मा ओ धणिया रूणीचेरा रामदेव


अम्बा मैया म्हे थारे चरणाँ म आया
लाल चुनड़िया म्हे तो संग ल्याया

चूनड़ी ओढ़ास्याँ माँ न, चूड़लो पिरास्याँ
फुलड़ा री माला माँ क, टीको भी लगास्याँ
मैया क चरणा म बलिहारी जावाँ

माथे ऊपर बिंदिया माँ क हीरा की लगास्याँ
नथली म मोती लटके, कुण्डल पिरास्याँ
आँख्याँ म घालस्याँ काजलियो ल्याया

कर सोलह श्रृंगार माँ न, पायलड़ी पिरावाँ
छम छमा छम नाचाँ म्हे तो, माँ न भी नचावाँ
निजर उताराँ, लूण राई ल्याया

आदी भवानी शेरावाली, दुष्टों का संहार करे
शोभा सगळा शरण तिहारी, भक्तों का उद्धार करे
अंतर मनड़ा म थारी ज्योत जलावाँ

दुष्टों को मार गिराये (तर्ज: हवा में उड़ता जाये)


तर्ज: हवा में उड़ता जाये


दुष्टों को मार गिराये
घोटा हनुमत वीर बली का
भगतों को शरण में राखे
घोटा हनुमत वीर बली का
रामा रामा
दुष्टों को मार गिराये...

मूंदड़ी दे कर राम पठाये
सिया का पता लगाने
हाँ सिया का पता लगाने
घोटे से अक्षय को मारा
बाग हुए वीराने
हाँ बाग हुए वीराने
दुष्टों को मार गिराये...

घोटा ले अर्जुन रथ राजो
कौरव सेना आई
हाँ कौरव सेना आई
पांडव सेना जीत गयी है
मुस्काये यदुरायी
हाँ मुस्काये यदुरायी
दुष्टों को मार गिराये...

जहाँ कहीं भी राम भजन को
सुनते हैं मेरे बाला
हाँ सुनते हैं मेरे बाला
घोटा लेकर दौड़े आते
पीवे राम रस प्याला
हाँ पीवे राम रस प्याला
दुष्टों को मार गिराये...

इस दुनिया में अजर-अमर जो
ध्यावे कष्ट मिटावो
हाँ ध्यावे कष्ट मिटावो
भगतों को शरण में ले लो
घोटे से, दुष्टों को मार गिरावो
हाँ दुष्टों को मार गिरावो
दुष्टों को मार गिराये...

इस घोटे का कोई न सानी
भगतों का रखवाला
हाँ, भगतों का रखवाला
'शोभा' की बेर क्यूँ देर लगाई
करो न टालमटाला
हाँ करो न टालमटाला
दुष्टों को मार गिराये...

दुनिया माया का जंजाल (तर्ज: मीठे रस स्यूँ भर्योड़ी राधा राणी लागे)

तर्ज: मीठे रस स्यूँ भर्योड़ी राधा राणी लागे

दुनिया माया का जंजाल
आने जाने वाली है
भज ले राम, भज ले कृष्ण
यही मधुप्याली है

राम-नाम में मस्त हुए
देखो अंजनी के लाला
कृष्ण नाम को रटकर मीरा
पी गई विष का प्याला
तेरा नाम है अमृत
जीवन विष की प्याली है
भज ले राम, भज ले कृष्ण...

तुम ही मेरे माता-पिता हो
तुम ही भाई-बंधू
तुम इक पल में पार उतारो
कितना भी गहरा सिंधु
तेरे नाम के बिना
मेरा जीवन खाली है
भज ले राम, भज ले कृष्ण...

जिसने तेरी भक्ति पाई
हो गया वो मतवाला
'शोभा' तुम्हारी भक्ति माँगे
ओ नंदजी के लाला
हम तो नाचे तेरे भजनों में
बजा के ताली हैं
भज ले राम, भज ले कृष्ण...

देखो शंकर भोलो भालो (तर्ज: आजा आजा रे साँवरिया)


तर्ज: आजा आजा रे साँवरिया


देखो शंकर भोळो भाळो
दर्शण करणे गोकुल चाल्यो
दरश कराय द्यो
ओ नंद के लाल को
देखो शंकर भोळो भाळो...

द्वारे आकर भोलो बाबो
डम-डम डमरू बजायो
द्वार खोल दे ओ बड़-भागण
जोगीड़ो एक आयो
मैं तो बड़ी दूर स्यूँ चाल्यो
आयो देखण न थारो लालो
दरश कराय...

बाहर निकली जोगी देखा
शीश सुधाकर वाला
अंग बभूति और बाघम्बर
गल बिच उरग विशाला
तू तो है कोई जादूगारो
थाने देख डरे म्हारो लालो
दरश कराय...

शिवशंकर न बात सुणी तो
समझावे मृदु बानी
दरश कराद्यो लाल का थे
सुनो यशोदा रानी
म तो जोगी भोलो भालो
ना मैं जादू टोना वालो
दरश कराय...

मात यशोदा मन म ठानी
ना दिखलाऊँ लाला
पशुपति तब बोल उठे हैं
पड़ा हठी से पाला
म तो छोडूँ थारो द्वारो
देखूँ जद म थारो लालो
दरश कराय...

हठ देखा जब त्रिभुवन स्वामी
रुदन करे अति भारी
हार गये सब चुप न होवे
सोच रही महतारी
माता री मति न फेरी लालो
म्हान जोगी कन ले चालो
दरश कराय...

मात यशोदा ल्याई लाल न
दी जोगी री गोद
गोद पालकी प्रभु भये पुलकित
महादेव मन मोद
'शोभा' खड़ी है खोलो द्वारो
तू तो जगत पिता रखवालो
दरशण पायग्यो...

देखो राम लखन सीया (तर्ज: टूटे हुए ख्वाबों ने)


तर्ज: टूटे हुए ख्वाबों ने


देखो राम लखन सीया,गंगा के किनारे हैं
हमें पार, हमें पार करो केवट
हम तेरे सहारे हैं
देखो राम लखन सीया...

लकड़ी की नाव मेरी
तेरे पाँव हैं जादू भरे
भई पत्थर की नारी
मेरा मन ये सोच डरे
ये चरण कमल तेरे
सबसे ही न्यारे हैं
हमें पार करो...

इक बात सुनो जो मेरी
फिर तुझको बिठायेंगे हम
तेरे चरण पखारेंगे
चरणोदक पायेंगे हम
जाने कितने जन्मों से
तेरी बाट निहारे हैं
हमें पार करो...

प्रभु पाँव पखारूँगा
नम देव खड़े सगरे
हौले-हौले धोये चरण
केवट आँख से अश्रु झरे
भाये प्रेम अश्रु प्रभु-मन
लगते अति प्यारे हैं
हमें पार करो...

ये तो पार करें सबको
सब के ही सहारे हैं
केवट का मान करे
और माँगे किनारे हैं
'शोभा' प्रभु को तू भज ले
बड़े भाग तुम्हारे हैं
हमें पार करो...